वैदिक व्याख्यानमाळा - १ से ४६
Author: Pandit Shripad Damodar Satwalekar
विवरण (Description)
पंडितजीने वेदोंके विविध प्रकारके विषयको प्रकट करनेवाले ४६ व्याख्यान दिए है। मानवी व्यवहारके दिव्य संदेश वेद दे रहा है, उनको लेनेके लिये मनुष्योंको तैयार रहना चाहिये। वेदके उपदेश आचरणमें लानेसे ही मानवोंका कल्याण होना संभव है। इसलिये ये व्याख्यान हैं। यदि पाठक यह पढेंगे तो उनको पता लग जाएगा की एक एक वेदका पद और वाक्यका उत्तम व्यवहार किस तरह करना चाहिए, उसका बोध देते हे और वही परमार्थका साधन किस तरह है, यह भी इन व्याख्यानमालाओंमें दर्शाया गया हैं। यह व्याख्यान वेदप्रेमी जनताके लिए पुनर्मुद्रित करके प्रकट किये जा रहे हे।
More Books
More valuable books from स्वाध्याय मंडल
1. अग्निदेवतामें आदर्श पुरुषका दर्शन
Pandit Shripad Damodar Satwale...
2. वैदिक अर्थव्यवस्था और स्वामित्वका सिद्धांत
Pandit Shripad Damodar Satwale...
3. अपना स्वराज्य
Pandit Shripad Damodar Satwale...
4. श्रेष्ठतम कर्म करनेकी शक्ति और सौ वर्षोकी पूर्ण दीर्घायु
Pandit Shripad Damodar Satwale...